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गुरुवार, 13 अगस्त 2026

मेरा सलीका मेरे साथ

मेरा सलीका

भाभी घर छोड़कर जा रही थी
उसने अलमारी में अपनी जगह खाली की 
चाबियां मेज पर रक्खी, मां के लिए दवा रखी,
दरवाजे के पास के बिखरे जूते करीने से रखे 
और जाते-जाते गंदे बर्तन भी धो दिए

दरवाजे खड़े भैया ने पूछा इतनी नाराजगी के बाद ये सब?

रिश्ता छोड़ रही हूं,अपना सलीका नहीं
यह कह कर मुस्कुराते हुए चली गई

-मेहनाज़ मंसूरी

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मेरा सलीका भाभी घर छोड़कर जा रही थी उसने अलमारी में अपनी जगह खाली की  चाबियां मेज पर रक्खी, मां के लिए दवा रखी, दरवाजे के पास के बिखरे जूते ...