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बूंद भर खुशबू
बूंद भर खुशबू हर त्योहार दादी संदूक से एक छोटी -सी इत्र की शीशी निकालती। उंगली पर बस एक बूंद लगाती और शीशी वापस रख देती। मैं हंस कर पू...
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इक अक्श हूँ, ख्यालों में ढल जाऊँगा मैं, सोचोगे जब भी तुम, सामने नजरों के आ जाऊँगा मैं... जब दरारें तन्हा लम्हों में आ जाए, वक्त के कं...
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न करना गुमान कामयाबी का चढता सूरज ढलते देखा । बुझ गया हो दीप न डरना प्रयासों से फिर जलते देखा । हीरा पड़ा रह जाता कई बार ...
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सुना -अनसुना कर हर पल गुजरता क्या किस्सा कहे उनकी बेरुखी का ! उमर का सफीना साहिल पे डूबा जमाना भी था तब दिल्लगी का ! स...

बहुत सुंदर,लाज़वाब👌👌
जवाब देंहटाएंक्या बात है .... आभार आपका 👍👍
जवाब देंहटाएंतह पे तह लगाकर! .... सुन्दर!
जवाब देंहटाएंखोज़ना है किसी अपने को पर
जवाब देंहटाएंगया है वो चेहरे पे चेहरा लगाकर ।.......
वाह ! कमाल का है जज़्बे का मुज़ाहिरा। बधाई।
मन को छु लेने वाले शब्द !!!!!!!!!!
जवाब देंहटाएंसुन्दर।
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