फ़ॉलोअर

बुधवार, 15 नवंबर 2017

सितारे चूमते हैं शब....दिनेश नायडू

डरा रहे है ये मंज़र भी अब तो घर के मुझे
दिखाई ख़ाब दिए रात भर खंडर के मुझे

मैं रोज़ ग़ज़लों में हर शाम चाँद टांकता हूँ
सितारे चूमते हैं शब ! उतर उतर के मुझे

गंवा दी उम्र तुझे नज़्म कर नहीं पाया
मिले हैं यूँ तो सलीक़े हरिक हुनर के मुझे

इस एक शौक ने मुझको मिटा दिया यारो !
बस एक बार कभी देखना था मर के मुझे

किनारे बैठ के करता हूँ नज़्म अश्कों को
नदी सुनाती है अफ़साने चश्मे-तर के मुझे

मैं इक अधूरी सी तस्वीर था उदासी की
किया है किसने मुकम्मल यूँ रंग भर के मुझे

09303985412

1 टिप्पणी:

एक छोटी सी मदद, दिलों के बीच इतना बड़ा रिश्ता बना देती है

  पड़ोसन चीनी मांगने आई… बहू ने मना कर दिया शाम का समय था। आंगन में हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रसोई में नई-नई बहू नेहा रात के खाने की तैयारी ...