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शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

बरसात ने दिल तोड़ दिया...सुदर्शन फ़ाकिर


कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया
और कुछ तल्ख़ी-ए-हालात ने दिल तोड़ दिया

हम तो समझे थे के बरसात में बरसेगी शराब
आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया

दिल तो रोता रहे ओर आँख से आँसू न बहे
इश्क़ की ऐसी रिवायात ने दिल तोड़ दिया

वो मिरे हैं मुझे मिल जाएँगे आ जाएँगे
ऐसे बेकार ख़यालात ने दिल तोड़ दिया

आप को प्यार है मुझ से कि नहीं है मुझ से
जाने क्यूँ ऐसे सवालात ने दिल तोड़ दिया
- सुदर्शन फ़ाकिर

5 टिप्‍पणियां:

एक छोटी सी मदद, दिलों के बीच इतना बड़ा रिश्ता बना देती है

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