फ़ॉलोअर

संजीव कुमार बब्बर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
संजीव कुमार बब्बर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

आँसू बोलते हैं....संजीव कुमार बब्बर

आँसू बोलते हैं ये जाना 
आँसुओं को तेरे देख कर
जब......

लब को तूने दबा लिया
साँसों को तूने थाम लिया
आँखों को तूने झुका लिया
तब......

आँखों से आँसू बहने लगे
उन पर तेरा वश न चला
ये आँसू सब कुछ कहने लगे
-संजीव कुमार बब्बर

एक छोटी सी मदद, दिलों के बीच इतना बड़ा रिश्ता बना देती है

  पड़ोसन चीनी मांगने आई… बहू ने मना कर दिया शाम का समय था। आंगन में हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रसोई में नई-नई बहू नेहा रात के खाने की तैयारी ...