फ़ॉलोअर

डॉ. आरती स्मित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
डॉ. आरती स्मित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 17 दिसंबर 2017

अनाथ पत्ता......डॉ. आरती स्मित


मैं हूँ 
शाख- विहीन 
एक अनाथ पत्ता!
बेबुनियाद --–अस्तित्वहीन।
कल तक,
मैं था 
निश्चिंत, प्रमुदित 
पेड़ की शाख से जुड़ा 
जीवन–रस पाता हुआ;
कल तक,
समझ ना सका महत्व
जड़ से जुड़ाव का;
वंश के पोषण का, 
विद्रोह की आँधी चली 
और मैं,
दिशाहीन!
प्रतिकूल दशा में 
क्षत-विक्षत पड़ा हूँ 
भूमि पर 
और कोई 
देखता तक नहीं।



- डॉ. आरती स्मित

एक छोटी सी मदद, दिलों के बीच इतना बड़ा रिश्ता बना देती है

  पड़ोसन चीनी मांगने आई… बहू ने मना कर दिया शाम का समय था। आंगन में हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रसोई में नई-नई बहू नेहा रात के खाने की तैयारी ...